बार बार ये खयाल आये
ना तुम गलत ना मै सही
दिल मे ही ये क्यु दोहराये
ना तुम गलत ना मै सही
तितली उडती दूर जाये
कली उसे जो मिल गयी
रंग कली के उसे बेहकाये
ना तुम गलत ना मै सही
धागा जोडने वाली भी
तो चुभती है ना एक सुई
काटकर भी जो जोड सके
ना तुम गलत ना मै सही
उडती तितली ओर सुई
नयी तभी तो लगी नही
सही धागा ओर सही कली
ना तुम गलत ना मै सही
- जुई
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